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वज्रपात ने छीना गरीब किसानों का सहारा, 13 मवेशियों की मौ;त से गांव में मातम

गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड अंतर्गत केंदुआ गांव में शुक्रवार को आसमानी कहर गिरने से 13 जानवरों की मौ;त हो गई। इस अनहोनी ने पांच आदिवासी किसानों की जिंदगी को गहरे संकट में डाल दिया है। तेज आंधी और बारिश के दौरान हुए वज्रपात में कुल 13 गाय और बैलों की दर्दनाक मौत हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम और दहशत का माहौल है।जानकारी के अनुसार केंदुआ-बंदरचुआं मौजा के किसान अपने मवेशियों को रोज की तरह जंगल की ओर चराने ले गए थे। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए सभी मवेशी पास में स्थित एक बांस के पेड़ के नीचे खड़े हो गए।

तभी अचानक जोरदार वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आने से मौके पर ही 13 मवेशियों की मौत हो गई। इस हादसे में बाबूलाल मरांडी के 3 मवेशी, महेश सोरेन के 4, छोटका मुर्मू के 4 तथा सुखु मुर्मू और छोटकी टुडू के एक-एक मवेशी की जान गई है। ग्रामीणों ने बताया कि मृत मवेशी ही इन गरीब किसानों की आजीविका का मुख्य सहारा थे। खेती-बाड़ी और परिवार के भरण-पोषण में इन्हीं मवेशियों की महत्वपूर्ण भूमिका थी। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय मुखिया जानकी यादव को भी सूचना दी गई, जिसके बाद वह मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मिले और घटना की जानकारी प्रशासन को दी गई। इस दौरान मुखिया ने प्रशासन से पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि गरीब परिवारों को आर्थिक राहत मिल सके।

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