गिरिडीह के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के भोरंडीहा स्थित चाइना मोड़ के वेंकटेश्वर प्लांट में सोमवार देर रात हुए एक दर्दनाक हादसे में प्लांट के एक कर्मी की मौत हो गई। मृतक की पहचान धनबाद जिले के सिंदरी निवासी राज किशोर सिन्हा के रूप में हुई है। वे प्लांट में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे और पिछले करीब 15 वर्षों से अधिक समय से यहां सेवा दे रहे थे। वर्तमान में वे प्लांट परिसर के कुटिया मंदिर स्थित गेस्ट हाउस में रहते थे।मृतक के भगना के अनुसार, सोमवार देर रात थाना से सूचना मिलने के बाद वे प्लांट पहुंचे, जहां उन्हें बताया गया कि कोयला लदे हाईवा से माल खाली कराने के दौरान यह हादसा हुआ। बताया गया कि राज किशोर सिन्हा टॉर्च की रोशनी से हाईवा चालक को वाहन पीछे करने का संकेत दे रहे थे। इसी दौरान वे वाहन की चपेट में आ गए, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।

घटना के बाद परिजनों ने प्लांट प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इतने बड़े औद्योगिक परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद शव को बोरे में रखकर गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जो अमानवीय व्यवहार को दर्शाता है।मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों ने फिलहाल पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है और शव सदर अस्पताल में रखा गया है। परिजन मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

घटना की सूचना मिलने पर बार एसोसिएशन के महासचिव एवं भाजपा नेता चुन्नू कांत तथा माले नेता राजेश सिन्हा सदर अस्पताल पहुंचे। दोनों नेताओं ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और प्रबंधन से उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।मृतक के भांजे आयुष रंजन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्लांट प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में प्लांट प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आ सका था।











