गिरिडीह जिले के गावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में नवजात शिशुओं और प्रसूता माताओं के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई बेबी किट विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। पुराने अस्पताल परिसर के एक कमरे में बड़ी संख्या में बेबी किट धूल, सीलन और गंदगी के बीच पड़ी मिली हैं। कई पैकेट फटे हुए हैं और उनमें रखी सामग्री अब उपयोग के लायक नहीं बची है। इतना ही नहीं, कमरे में कई एक्सपायर दवाइयां भी रखी हुई बताई जा रही हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


जानकारी के अनुसार, संस्थागत प्रसव के बाद प्रत्येक माता को नवजात शिशु की देखभाल के लिए यह बेबी किट निःशुल्क उपलब्ध कराई जानी होती है। बावजूद इसके, स्टॉक उपलब्ध रहने के बाद भी इन किटों का वितरण नहीं किया गया और वे लंबे समय तक कमरे में पड़ी-पड़ी खराब हो गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने के लिए जागरूक करती हैं, वहीं दूसरी ओर अस्पताल में ही नवजातों के लिए भेजी गई सरकारी सामग्री बर्बाद हो रही है। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही को लेकर सवाल उठने लगे हैं और जांच की मांग तेज हो गई है।












