गिरिडीह में आयोजित आदिवासी महोत्सव को लेकर आदिवासी छात्र संघ की ओर से रविवार को झंडा मैदान से भव्य रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में युवक-युवतियां, छात्र-छात्राएं और आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ निकली रैली शहर के विभिन्न चौक-चौराहों से होते हुए नगर भवन पहुंची, जहां सभी लोग आदिवासी महोत्सव के कार्यक्रम में शामिल हुए।
रैली में शामिल लोगों के हाथों में विभिन्न संदेश लिखी तख्तियां थीं। इनमें “शिबू सोरेन अमर रहे”, “भगवान सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव अमर रहें”, “जय-जय आदिवासी”, “जय जोहार”, “नारा है भारत देश हमारा है” और “आदिवासी एकता जिंदाबाद” जैसे नारे लिखे हुए थे। इसके अलावा आदिवासी समाज के विभिन्न महापुरुषों और नेताओं की स्मृति में भी नारे लगाए गए।
रैली के दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज और जोशीले नारों से शहर का माहौल आदिवासी संस्कृति और एकजुटता के रंग में रंगा नजर आया। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल युवक-युवतियां रैली का विशेष आकर्षण रहे। रैली के माध्यम से आदिवासी छात्र संघ ने समाज की एकता, संस्कृति, परंपरा और पहचान को मजबूत करने का संदेश दिया।
रैली नगर भवन पहुंचने के बाद आदिवासी महोत्सव के कार्यक्रम में शामिल हुई। यहां आदिवासी संस्कृति, लोक परंपराओं और जल-जंगल-जमीन से जुड़ी विरासत को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।












