Aba News

रूस दुनिया को सबसे सस्ता तेल कैसे बेचता है? भारत क्यों बना उसका सबसे बड़ा ग्राहक?

यूक्रेन युद्ध के बावजूद रूस आज भी दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे सस्ता तेल बेचने वाला देश बना हुआ है। भारत की कुल तेल खरीद में रूस की हिस्सेदारी 35-40% तक पहुंच गई है। वजह साफ है—रूस भारत को भारी छूट पर कच्चा तेल बेच रहा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रूस आखिर इतना सस्ता तेल कैसे बेच पाता है, और बाकी देश इस रफ्तार का मुकाबला क्यों नहीं कर पाते?

दरअसल, अमेरिका और पश्चिमी देशों ने यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस पर प्रतिबंध लगाए, जिससे रूस के पारंपरिक ग्राहक छिन गए। मजबूरी में रूस ने भारत और चीन जैसे देशों को बेहद कम कीमतों पर तेल बेचना शुरू किया। यही वजह है कि भारत जैसे ऊर्जा-निर्भर देश के लिए रूस एक भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता बन गया है। भारत 85% तेल आयात करता है, ऐसे में सस्ते विकल्प की तलाश में रूस सबसे मुफीद साबित हुआ।

रूस न केवल दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है, बल्कि इसका उत्पादन खर्च भी अपेक्षाकृत कम है। प्रतिदिन लगभग 95 लाख बैरल कच्चा तेल निकालने वाले रूस के पास रोजाना 45 लाख बैरल कच्चा और 23 लाख बैरल रिफाइंड तेल दूसरे देशों को भेजने की क्षमता है। पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के चलते रूस को नए बाज़ारों की तलाश थी—और भारत ने मौके को बखूबी भुनाया।

अगर भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर दे, तो रिपोर्ट्स के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। यानी यह सिर्फ भारत के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए भी बड़ा झटका होगा। यही वजह है कि भले ही अमेरिका भारत पर दबाव बना रहा हो, लेकिन भारत अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए रूस से तेल खरीद जारी रखे हुए है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़ें