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बंद माइंस में चल रहा था अवैध खनन का खेल, प्रशासन ने साठीबाद में मारा छापा

 गिरिडीह। बेंगाबाद थाना अंतर्गत साठीबाद के बंद पड़े माइंस में चोरी-छिपे हो रहे कथित अवैध खनन की सूचना पर गुरुवार को प्रशासन ने अचानक धावा बोल दिया। टीम के पहुंचने की भनक लगते ही माइंस में मौजूद लोग मौके से फरार हो गए। प्रशासन ने खनन स्थल से पोकलेन, ट्रैक्टर, विस्फोट में इस्तेमाल होने वाले तार समेत कई सामान अपने कब्जे में लिए हैं। कार्रवाई के बाद अवैध खनन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

 

डीसी रामनिवास यादव के निर्देश पर गिरिडीह एसडीएम धीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में छापेमारी की गई। टीम में खान उपनिरीक्षक विश्वनाथ उरांव, बेंगाबाद सीओ सफी आलम, बीडीओ सुनील कुमार मुर्मू, थाना प्रभारी अमन कुमार सिंह और एसआई जगन्नाथ पान शामिल थे। गुप्त सूचना के आधार पर गठित टीम दोपहर में अचानक साठीबाद माइंस पहुंची और खनन स्थल की जांच शुरू की।

बताया जा रहा है कि टीम ने खदान के अंदर से एक पोकलेन और एक ट्रैक्टर जब्त किया। वहीं खदान के ऊपर बंद अवस्था में खड़े दूसरे पोकलेन और अन्य ट्रैक्टर को भी कब्जे में लिया गया। जांच के दौरान विस्फोट में इस्तेमाल किए जाने वाले तार सहित अन्य सामग्री भी मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, छापेमारी में कुल कितने वाहन और अन्य सामान जब्त किए गए हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से जब्ती सूची तैयार की जा रही है।

पहले भी हो चुकी है जांच, दर्ज हुए थे मामले

जानकारी के अनुसार साठीबाद का माइंस पहले से बंद था। इसके बावजूद वहां चोरी-छिपे पत्थर खनन किए जाने की सूचना प्रशासन को मिल रही थी। इससे पहले खान विभाग की टीम दो बार माइंस की जांच कर चुकी है। पहली जांच के दौरान खनन करते किसी व्यक्ति के नहीं मिलने पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। वहीं दूसरी बार माइंस संचालन के आरोप में नामजद प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी।

इसके बावजूद माइंस के दोबारा संचालन की सूचना मिलने पर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और संयुक्त टीम गठित कर छापेमारी की। खान उपनिरीक्षक विश्वनाथ उरांव ने बताया कि जब्ती सूची तैयार होने के बाद ही कार्रवाई और जब्त सामान से संबंधित पूरी जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।

गौरतलब है कि बेंगाबाद के अरतोका माइंस के बाद साठीबाद में हुई यह कार्रवाई अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन की दूसरी बड़ी कार्रवाई है। लगातार हो रही कार्रवाई से अवैध माइंस संचालकों और पत्थर कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

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