गिरिडीह। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह की ओर से 15 अगस्त को मंडल कारा में जेल अदालत-सह-कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। झालसा, रांची के निर्देश और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सफदर अली नैयर ने बताया कि बंदियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार पहल की जा रही है। जेल में नियुक्त पारा लीगल वॉलंटियर्स बंदियों की समस्याओं को प्राधिकार तक पहुंचाते हैं, ताकि उनका समय पर समाधान किया जा सके।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ नजमुल हसन ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने नए बंदियों को भी इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आवेदन देने की जानकारी दी। जेल अदालत में करीब 24 वर्षों से लंबित एक मामले में एक बंदी को रिहा किया गया। कार्यक्रम में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी स्मृति त्रिपाठी और जेल अधीक्षक हिमानी पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जेल पीएलबी को निर्देश दिया गया कि कोई भी बंदी अपने कानूनी अधिकारों से वंचित न रहे।












