गिरिडीह: सतगुरू नानक प्रगटिया मिट्टी धुंध जग चानन होया, नानक नाम चढ़दी कला तेरे भाणे सर्वत दा भला, नानक नाम जहाज है चढ़े सो उतरे पार, जैसे कई गुरूनानक देवजी के बोल वचन से गिरिडीह शहर भक्तिमय हो गया। मौका था गुरूनानक देव जी की 555 वें जन्मोत्सव का।

शुक्रवार को भव्य रूप से गिरिडीह सिक्ख समाज के द्वारा गुरूनानाक देव जी का 555वां प्रकाश पर्व मनाया गया। जन्मोत्सव को लेकर स्टेशन रोड स्थित गुरूद्वारे में अखंड पाठ का समापन शुक्रवार को गुरूनानक जयंती के अवसर पर हो गया। इस मौके पर 8-13 नवम्बर तक रोजाना सुबह पांच बजे पंजाबी मुहल्ला स्थित गुरूद्वारे से प्रभात फेरी का आयोजन किया गया था। साथ ही 14 नवंबर को स्टेशन रोड स्थित गुरूद्वारा से गुरूनानक देव जी की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई थी। वहीं 15 नवम्बर को गुरु नानक जयंती के अवसर पर दिन व संध्या में विशेष दिवान सजाया गया था। गुरूनानक जयंती के मौके पर स्थानीय रागी जत्था भाई हरप्रित सिंह ने अपने पूरे जत्थे के साथ सात-संगत को कीर्तन सुनाकर निहाल कर दिया।

रागी जत्था की टीम ने उपस्थित सात-संगत को गुरूवाणी का उपदेश देते हुए कहा कि गुरूनानक देव जी आपसी भाईचारे के प्रतीक थे। उन्होंने विश्व में फैली कुरीतियों को दूर करने का काम किया था। इसलिए उनके बताये गये मार्गो पर चलने की जरूरत है ताकि देश में भाई चारे का माहौल बना रहे। मौके पर गुरूद्वारें को काफी आकर्षक तरीके से सजाया गया था। दिन के 12 बजे से शबद-कीर्तन का दौर चालू हुआ और दोपहर 3 बजे तक चला। इस दौरान भव्य लंगर का भी आयोजन किया गया। इधर लंगर में सिक्ख समुदाय के अलावा अन्य समुदाय के लोगों ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और लंगर का आनंद उठाया। रात्रि में पंजाबी मुहल्ले गुरूद्वारे में भी शब्द – कीर्तन ओर लंगर का आयोजन किया गया और गुरूनानक देव जी की आरती हुई। मौके पर प्रधान डॉ मोंगिया ने कहा कि गुरूनानक जयंती खुशियों और अनन्द का उत्सव है।

उन्होंने गिरिडीह वासियों को गुरूनानक जयंती की बधाई दी। सचिव सम्मी सलूजा ने कहा कि मन की बुराईयों से दूर करके इसे सत्य ईमानदारी व सेवा भाव से प्रकाशित करना ही प्रकाश पर्व है। प्रकाश पर्व में गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने गुरूनानक जयंती में उपस्थित लोगों को बधाई दी। साथ ही कहा कि हमलोगों को गुरूनानक देव जी के आदर्शों पर चलने की जरूरत है। गुरू के संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करने की जरूरत है। इस मौके पर छोटे – छोटे बच्चों और महिलाओं के द्वारा भी कीर्तन किया गया। मौके पर पूर्व प्रधान देवेंद्र सिंह, चरणजीत सिंह, कुंवरजीत सिंह, राजु चावला, राजेंद्र सिंह बग्गा, परमजीत सिंह कालू, तरणजीत सिंह सलूजा, सतविंदर सिंह सलूजा, रोबी चावला, प्रिंस सलूजा, ऋषि चावला, राजेंद्र सिंह, परमजीत सिंह, कुशल सलूजा, बलविंदर सिंह, हरमिंदर सिंह बग्गा, गुरूदीप सिंह बग्गा, सहित काफी संख्या में सिख समाज के महिला – पुरूष व बच्चें मौजूद थे।












