गिरिडीह जिला के बिरनी प्रखंड के खरखरी गांव में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 5 करोड़ की लागत से बन रही सड़क निर्माण परियोजना पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को निर्माण कार्य में कथित भारी अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल से नाराज ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत या लापरवाही का फायदा उठाकर सरकारी राशि का दुरुपयोग कर रहा है और गुणवत्ता से खुला समझौता किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के विकास के लिए उन्होंने अपनी जमीन तक दी, लेकिन बदले में उन्हें मानकों के अनुरूप सड़क नहीं बल्कि घटिया निर्माण मिल रहा है।फुलेंद्र राय, कैलाश पाण्डेय, हीरामणि रविदास, सुरेंद्र पाण्डेय, प्रकाश पंडित, रामकिशुन दास, बचनदेव बैठा, प्रकाश राणा, दामोदर बैठा, रामचन्द्र राय, श्रीराम पंडित, विजय पंडित, रामदेव पंडित, रौनक राम, सुखदेव राय, मनु पंडित और धीरन राणा समेत दर्जनों ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गार्डवाल में निर्धारित गुणवत्ता वाले पत्थरों की जगह कमजोर और सफेद बोल्डर लगाए जा रहे हैं, जिससे निर्माण की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क के दोनों किनारों पर तकनीकी मानकों के अनुसार करीब दो फीट खुदाई होनी चाहिए थी, लेकिन ठेकेदार केवल आठ इंच खुदाई कर खानापूर्ति कर रहा है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह निर्माण हुआ तो सड़क कुछ ही समय में जर्जर हो जाएगी और करोड़ों रुपये की सरकारी योजना बेकार साबित होगी।
माले नेता फुलेंद्र राय ने आरोप लगाया कि पिछले तीन महीनों से लगातार निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत विभागीय अधिकारियों से की जा रही है, लेकिन अब तक किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने यह भी दावा किया कि विरोध करने वाले ग्रामीणों को झूठे मुकदमों में फंसाने तक की धमकी दी जा रही है।ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बावजूद न तो कनीय अभियंता (जेई) और न ही कोई वरीय अधिकारी मौके पर निरीक्षण के लिए पहुंचे। अधिकारियों की कथित उदासीनता के कारण ठेकेदार मनमाने तरीके से काम कर रहा है।
ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक निर्माण कार्य पूरी तरह तकनीकी मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण तरीके से नहीं होगा, तब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जल्द जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे मामले की शिकायत उपायुक्त से कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी।हालांकि, मामले में कनीय अभियंता शमशाद ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। ठेकेदार को फिलहाल काम बंद रखने का निर्देश दिया गया है। विभागीय टीम जल्द मौके पर पहुंचकर जांच करेगी और यदि कहीं घटिया सामग्री का उपयोग पाया गया तो उसे हटाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।












