गिरिडीह सिविल कोर्ट ने मंगलवार दोपहर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। सदर अंचल के तत्कालीन CO विजय कुमार गुप्ता और CI दिलीप कुमार गुप्ता पर म्यूटेशन के नाम पर पैसों की वसूली और मारपीट के आरोप लगाए गए थे। यह मामला वर्ष 2004 में मोहम्मद बबलू द्वारा दर्ज कराया गया था। लंबे 20 वर्षों तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों अधिकारियों को निर्दोष घोषित करते हुए आरोपों को झूठा करार दिया।

अधिवक्ता महिप मयंक ने बताया कि यह फैसला न्याय और सत्य की जीत है। अदालत ने स्पष्ट किया कि म्यूटेशन घोटाले और मारपीट से जुड़े आरोप बिना किसी ठोस सबूत के लगाए गए थे। इस निर्णय से न केवल दोनों अधिकारियों को न्याय मिला है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि न्यायालय के समक्ष सत्य को झूठ पर हमेशा जीत मिलेगी।












