गुरुवार को चोंगाखार पंचायत के ग्राम करमा में करमा नदी पर बन रहे पुल की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने घटिया बालू और कम सीमेंट के उपयोग पर आपत्ति जताते हुए कार्य रुकवाया था और मांग की थी कि ढलाई इरगा नदी के बालू से हो और कनीय अभियंता की मौजूदगी में हो।

इसके बावजूद मुंशी प्रदीप यादव ने रातों-रात पुल के स्लैब की ढलाई करा दी, जिससे ग्रामीणों में रोष फैल गया। पूछताछ के दौरान मुंशी और मजदूरों ने कोई जवाब नहीं दिया, वहीं आर टी सी कंपनी के कनीय अभियंता विजय यादव ने भी कई कॉल के बावजूद फोन रिसीव नहीं किया।












