गिरिडीह में मंगलवार को जिले में हुई वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं ने भारी तबाही मचाई। तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। सबसे दर्दनाक हादसा देवरी थाना क्षेत्र में हुआ, जहां एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत पांच लोगों की जान चली गई। इस भीषण त्रासदी के बाद पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई।जानकारी के अनुसार, देवरी थाना क्षेत्र के देवपहाड़ी स्थित गोसाईं आहर के समीप पांच किशोर बारिश से बचने के लिए बैठे थे। इसी दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिरने से सभी इसकी चपेट में आ गए। हादसे में अर्जुन कुमार साव (17), विष्णुदेव साव (13), गजेंद्र साव (15) और कुश कुमार तिवारी (18) की मौत हो गई, जबकि उमेश यादव (17) गंभीर रूप से घायल हो गया। सभी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने चार किशोरों को मृत घोषित कर दिया।
इसी थाना क्षेत्र के बांसडीह पंचायत अंतर्गत तिलयडीह गांव में धान के खेत में बिचड़ा डाल रहे संतोष तिवारी (40) पर भी वज्रपात गिर गया। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना में विक्रम तिवारी घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है।जिले के अन्य प्रखंडों से भी वज्रपात की दुखद घटनाएं सामने आईं। गावां थाना क्षेत्र में पूनम देवी (35) की मौत हो गई। बिरनी थाना क्षेत्र के बेड़गेरो गांव निवासी हनूश मियां (75) की भी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से जान चली गई। वहीं बगोदर थाना क्षेत्र में काम करने आए लातेहार निवासी मजदूर समीर गिद तथा जमुआ थाना क्षेत्र के बागेडीह गांव निवासी आरती देवी की भी वज्रपात से मौत हो गई जबकि तीन लोग घायल हो गए। इन घटनाओं में कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित गांवों में पहुंचे तथा पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। जनप्रतिनिधियों ने जिले में लगातार बढ़ रही वज्रपात की घटनाओं पर चिंता जताते हुए गांव-गांव में तड़ित चालक (लाइटनिंग अरेस्टर) लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पूर्व में लगाए गए तड़ित चालक चोरी हो चुके हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा प्रभावित हुई है।












