गिरीडीह के जमुआ प्रखंड अंतर्गत कागजीमगहा निवासी महमुदुल हसन ने विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के गठन में अनियमितता का आरोप लगाते हुए शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को लिखित आवेदन सौंपकर पूरे चुनाव प्रक्रिया को रद्द कर पुनः सरकारी नियमों के अनुरूप समिति गठन कराने की मांग की है।महमुदुल हसन ने अपने आवेदन में कहा है कि विद्यालय प्रबंधन समिति का चुनाव प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार नहीं कराया गया। उनका आरोप है कि समिति का गठन गुप्त तरीके से किया गया, जिसकी जानकारी न तो अभिभावकों को दी गई और न ही आम बैठक आयोजित कर पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई। उन्होंने कहा कि समिति गठन की प्रक्रिया में कई योग्य अभिभावकों और स्थानीय लोगों को शामिल नहीं किया गया, जिससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
आवेदन में उन्होंने शिक्षा विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जाए तथा यदि चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो वर्तमान प्रबंधन समिति को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया जाए। साथ ही सरकारी नियमों एवं शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत पुनः आमसभा आयोजित कर नई प्रबंधन समिति का गठन कराया जाए, ताकि विद्यालय के विकास और संचालन में पारदर्शिता बनी रहे।
इस संबंध में शिक्षा विभाग के बीआरसी कार्यालय में कार्यरत एमडीएम प्रभारी बिट्टू कुमार ने बताया कि मामले में संबंधित व्यक्ति द्वारा आवेदन दिया गया है। आवेदन प्राप्त होने के बाद विभागीय स्तर पर इसकी जांच की जाएगी। जांच के दौरान चुनाव प्रक्रिया, अभिलेखों और संबंधित पक्षों के बयान लिए जाएंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो विभाग नियमानुसार उचित कदम उठाएगा।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन को लेकर उठे इस विवाद पर अब सभी की नजर विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई है।












