गिरिडीह, 03 सितंबर 2025। जिला उपायुक्त श्री रामनिवास यादव ने जिलेवासियों को प्रकृति पर्व करम पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। उन्होंने कहा कि गिरिडीह जिला पूरी तरह से प्राकृतिक वातावरण में बसा हुआ है, इसलिए करमा पूजा यहां के प्रमुख और महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। यह पर्व न सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से खास है बल्कि भाई-बहन के स्नेह, सामाजिक एकजुटता और प्रकृति के प्रति आस्था का जीवंत प्रतीक है।
उपायुक्त ने कहा कि करमा पूजा झारखंड की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। यहां हर संप्रदाय के लोग एक साथ मिलकर इस पर्व को मनाते हैं, जिससे सामाजिक सद्भाव और भाईचारा और मजबूत होता है। यह पर्व हमें यह भी संदेश देता है कि प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाए रखना ही जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि करमा पूजा को शांति और सद्भाव के साथ मनाएं और अपने आसपास के वातावरण की स्वच्छता व हरियाली बनाए रखने का संकल्प लें। डीसी ने कहा कि करमा जैसे लोकपर्व हमें अपनी मिट्टी, अपनी संस्कृति और अपनी परंपरा से जोड़ते हैं। ऐसे पर्वों से नई पीढ़ी को भी समाज और प्रकृति के महत्व को समझने का अवसर मिलता है।
करमा पूजा के अवसर पर उपायुक्त ने एक बार फिर सभी जिलेवासियों को मंगलकामनाएं दीं और सभी से अपील की कि इस पर्व को उत्साह, भाईचारे और सामाजिक एकता के साथ मनाकर गिरिडीह जिले की सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त बनाएं।












