गिरिडीह में आयोजित स्व. जे पी कुशवाहा 24वां अखिल भारतीय बहुभाषी नाटक एवं स्व. उमा रानी ताह स्मृति लोक एवं शास्त्रीय नृत्य प्रतियोगिता के दूसरे दिन कला प्रेमियों का जमावड़ा देखने लायक था। मंच पर “पतलून”, “फेसेस ऑफ विमेंस”, “हथियार”, “कुसुम कोथा” और “दिग्दर्शन” जैसे नाटकों ने समाज और संवेदनाओं को जीवंत किया। वहीं, नवीनता महतो, पूर्वा गोस्वामी, अर्नेशा मंडल और श्रेयोसरी डे की नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

प्रतियोगिता में वीणापानी कला केंद्र धनबाद और हुनर संस्थान आजमगढ़ की शानदार लोकनृत्य प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। निर्णायकों की भूमिका बिहार, त्रिपुरा और झारखंड के ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों ने निभाई। मंच संचालन मनोज कुमार मुन्ना और नीतीश आनंद ने किया। इस मौके पर कला जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों और सैकड़ों दर्शकों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।













