विद्या विकास समिति, झारखण्ड के तत्वावधान में गिरिडीह के बरगंडा स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर प्रांगण में शनिवार को हजारीबाग विभाग स्तरीय एक दिवसीय संस्कृति महोत्सव “संस्कृति बोध” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत से हुई। 
इस महोत्सव में विज्ञान प्रश्न मंच, वैदिक गणित प्रश्न मंच, विज्ञान पत्र वाचन, कथा-कथन, तात्कालिक भाषण, आचार्य पत्र वाचन एवं लोक नृत्य सहित 7 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विभाग के 11 विद्यालयों से लगभग 300 छात्र छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान विभाग प्रमुख ब्रजेश कुमार सिंह ने प्रस्तावना में कहा कि विभाग स्तर पर सफल छात्र छात्रा प्रांत स्तर पर जाएंगे। इस महोत्सव का प्रमाण पत्र भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है। विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति की सचिव शालिनी खोवाला ने छात्र छात्राओं को उत्साहित करते हुए कहा कि पूर्ण विश्वास से प्रतियोगिता में प्रतिभाग करें, बच्चे ही देश के भविष्य हैं।
अपने आप को संस्कारी नागरिक बनाने के लिए सदैव आगे बढ़ते रहे।उपाध्यक्ष प्रदीप जैन एवं अध्यक्ष अर्जुन मिष्टकार ने आशीर्वचन दिया। मंच संचालन निशा श्रेष्ठ एवं अजीत कुमार मिश्र ने किया।वही समापन सत्र में अतिथियों का परिचय कराया गया। पुरस्कार वितरण कार्यक्रम प्रमुख दुलारचंद आचार्य के द्वारा करवाया गया। विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य सिद्धार्थ श्रीवत्स ने उद्बोधन दिया। वृत्त कथन प्रधानाचार्य आनंद कमल ने प्रस्तुत किया। प्रांतीय प्रतियोगिता की जानकारी शर्मेन्द्र साहू द्वारा दी गई। अंत में धन्यवाद ज्ञापन वैदिक गणित प्रमुख राजीव कुमार सिंह के द्वारा किया गया और वंदे मातरम के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।












