गिरिडीह उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1995 के तहत गठित जिला स्तरीय निगरानी एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, पीड़ितों को समयबद्ध न्याय एवं राहत उपलब्ध कराने तथा लंबित एवं निष्पादित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के अधिकारों की रक्षा और उन्हें न्याय दिलाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की जांच, अभियोजन, राहत एवं पुनर्वास से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही पीड़ितों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और प्रत्येक मामले की नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया। समिति के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों पर भी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि समिति की नियमित समीक्षा से अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी। बैठक में पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, जिला कल्याण पदाधिकारी सहित समिति के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।












