गिरिडीह जिले के डुमरी अनुमंडल कार्यालय में शुक्रवार को सामाजिक कुरीति निवारण योजना, बाल विवाह मुक्त झारखंड और मिशन शक्ति के तहत अनुमंडल स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त रामनिवास यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल विवाह, डायन प्रथा जैसी कुप्रथाओं के उन्मूलन, महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों की सुरक्षा और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना रहा।

उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि बाल विवाह केवल सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि गंभीर अपराध है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी से ऐसी घटनाओं की तुरंत सूचना प्रशासन या पुलिस को देने की अपील की। कार्यशाला में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 की जानकारी दी गई और मिशन शक्ति सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।













