गिरिडीह में खून की कालाबाजारी से संबंधित मामला प्रकाश में आया है। सोमवार को भुक्तभोगी मंटू यादव ने मीडिया को इसकी जानकारी दी। साथ ही भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के पदाधिकारी से मिलकर सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचकर ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की है। पूरे मामले को जानने के बाद सिविल सर्जन ने जांच के आदेश दिए हैं। बताया गया कि बेंगाबाद थाना क्षेत्र के विराजपुर निवासी मंटू यादव की मां का तबीयत खराब हो गया।

उसे इलाज के लिए श्री साईं हॉस्पिटल गिरिडीह में भर्ती किया गया। ऑपरेशन की नौबत आने पर दो यूनिट ब्लड की व्यवस्था करने को कहा गया। बताया गया कि AB नेगेटिव ब्लड रहने के कारण मंटू यादव को ब्लड उपलब्ध करने में परेशानी हुई। उसके बाद सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक से संपर्क किया गया। वहां एबी नेगेटिव ब्लड नहीं रहने के कारण उन्हें ब्लड नहीं मिल सका। बाहर निकलने पर एक अंजान व्यक्ति द्वारा एक मोबाइल नंबर मंटू यादव को दिया गया जिस पर संपर्क करने को कहा गया।

जब संपर्क किया तो जितेंद्र तांती से बात हुई 1 यूनिट ब्लड के लिए उन्होंने बीस हजार रुपए का मांग किया। जब मंटू ने अपनी गरीबी अवस्था बताया तो दस हज़ार रुपए में 1 मिनट ब्लड देने को तैयार हो गया इसके बाद मंटू यादव द्वारा एक हजार नगद ओर नौ हजार रुपया ऑनलाइन भुगतान किया गया। इसके बाद ब्लड दिया गया। इसके बाद रेड क्रॉस सोसाइटी को इसकी सूचना दी गई। जिसके बाद रेड क्रॉस के पदाधिकारी सदर अस्पताल पहुंचकर CS से मुलाकात किया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। सिविल सर्जन ने साफ स्पष्ट कहा कि खून की कालाबाजारी नहीं चलने दिया जाएगा।












