गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड समेत आसपास के क्षेत्रों में ट्रेजर NFT के नाम पर डिजिटल धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें सैकड़ों लोग पैसा डबल करने के लालच में अपनी गाढ़ी कमाई गवां बैठे हैं। इस स्कैम में कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी फंसे हैं, जिससे अनुमानित करोड़ों रुपये का सामूहिक नुकसान हुआ है। शुरुआत में निवेशकों को 96 घंटे में पैसा मिलने का झांसा दिया गया था, लेकिन अब निकासी समय 360 घंटे कर दिया गया है और 25 मार्च से किसी को भी राशि नहीं मिली है। इससे लोगों में आशंका है कि कहीं यह कंपनी अब फरार तो नहीं हो गई।












