गिरिडीह बिरनी प्रखंड के बरोटांड़ स्थित प्रसिद्ध मां डबरसेनी शक्तिपीठ में नौ दिवसीय चैती दुर्गा पूजा पूरे श्रद्धा और धूमधाम से मनाई जा रही है। ग्रामीण पवन विश्वकर्मा के अनुसार, चैत्र माह की शुरुआत होते ही कुशल कारीगरों द्वारा दुर्गा प्रतिमा का निर्माण शुरू कर दिया जाता है। कलश स्थापना के साथ ही मां दुर्गा के नौ रूपों—मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री—की पूजा विधिपूर्वक पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ की जाती है।

यह धार्मिक आयोजन न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है, बल्कि डबरसेनी शक्तिपीठ एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी बन चुका है। यहां स्थित शिव मंदिर और हनुमान मंदिर के कारण नौ दिनों तक हजारों की संख्या में महिला-पुरुष और पर्यटक पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। अष्टमी, नवमी और दशमी को विशेष भीड़ उमड़ती है, जिसे देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर रहता है। मेला का संचालन मां डबरसेनी विकास समिति द्वारा किया जाता है, जिसमें अध्यक्ष रवि वर्मा, सचिव पिंटू राय और कोषाध्यक्ष अनिल तुरी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आसपास के दर्जनों गांवों का सहयोग इस आयोजन को भव्यता प्रदान करता है।












