गिरिडीह: जिले के देवरी प्रखंड के गुनियाथर पंचायत स्थित सुदूरवर्ती क्षेत्र जड़ो गांव में सरकार और जनप्रतिनिधियों के कारण उदासीनता देखने को मिली है। इस गांव की वृद्ध और विधवा महिलाओं की स्थिति यह है कि ये अपना और अपने बच्चों का पेट पालने के लिए भीषण गर्मी और तपती धूप में पत्थर तोड़ने को विवश हैं।

आपको बता दें कि गुनियाथर से जड़ो गांव जाने के क्रम में एक नदी पड़ती है और इसी नदी के किनारे एक बंद पड़ा पत्थर खदान है और इसी पत्थर खदान के किनारे बांस, लकड़ी और फटे कपड़ों की मदद से छांव बनाने के लिए तंबू बना कर रखी है जो भी फ़टाहाल है। बता दें कि इन्हीं फटे तम्बू के नीचे ये वृद्ध और विधवा महिलाएं अपने नौनिहालों के साथ कड़ी धूप में पत्थर तोड़ने का काम करती है।

बता दें कि जब महिलाओं के बारे में जानकारी मिली और जब हमारी टीम उनसे उनका हाल जानने के लिए उक्त स्थल पर पहुंचे तो उन महिलाओं का दर्द आंसू बन कर छलक पड़ा। किसी महिला ने बताया कि उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक हो चुकी है लेकिन उन्हें वृद्धा पेंशन का लाभ नहीं मिला है तो विधवा महिलाओं ने बताया कि उनके पति नहीं है और न ही उनके घर में कोई कमाऊ सदस्य है, जिस कारण उन्हें इतनी उम्र में भी कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।उन्होंने बताया कि अब तक किसी ने भी उनके ऊपर ध्यान नहीं दिया है और कुछ के बच्चे बड़े भी हो गए हैं, लेकिन वे उनका भरन पोषण नहीं करते हैं। उन्होंने सरकार से मांग किया कि सरकार उन्हें भी सरकारी योजनों के लाभ से लाभान्वित करें, जिससे उनकी जीवन आसान हो सके।












