गिरिडीह जिले के देवरी प्रखंड अंतर्गत गोसाई गांव की रहने वाली अनिता देवी की इलाज के दौरान मौत हो जाने से क्षेत्र में शोक की लहर है। परिजनों के अनुसार, अनिता देवी लंबे समय से किडनी संबंधी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। हालत बिगड़ने पर उन्हें 11 अप्रैल को मर्सी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था।
बताया जाता है कि इलाज के दौरान ही 18 अप्रैल को करीब 3 बजे उनकी स्थिति अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल की ओर से बकाया राशि जमा किए बिना शव देने से इनकार किया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि कुल इलाज का बिल 1,28,460 रुपये बना था, जिसमें वे पहले ही 60,400 रुपये जमा कर चुके थे। इसके बावजूद अस्पताल की ओर से लगभग 70 हजार रुपये और जमा करने का दबाव बनाया जा रहा था।

हालांकि, अस्पताल कर्मियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि किसी भी प्रकार का दबाव नहीं बनाया गया, बल्कि परिजनों को उनकी आर्थिक स्थिति के अनुसार भुगतान करने की बात कही गई थी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यह पूरी तरह मानवीय आधार पर लिया गया निर्णय था।
बताया जाता है कि बाद में दोनों पक्षों के बीच मामले को लेकर बातचीत कराया गया, जिसमें स्थिति को समझते हुए समाधान निकाला गया। इसके बाद 19 अप्रैल को सुबह करीब 11 बजे परिजनों ने 10 हजार रुपये और जमा किए, जबकि शेष बकाया राशि को अस्पताल प्रबंधन द्वारा माफ कर दिया गया। इसके बाद मृतका का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
इस घटना के बाद क्षेत्र में अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं












