देश में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को केंद्र में रखते हुए केंद्र सरकार ने एक महाअभियान की शुरुआत की है। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने घोषणा की कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक पूरे देशभर में “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान हजारों स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन होगा, जिनका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा, पोषण संबंधी जागरूकता और परामर्श उपलब्ध कराना है। यह पहल न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाएगी, बल्कि समाज को स्वस्थ भविष्य की दिशा में भी ले जाएगी। यह अभियान ‘पोषण माह 2025’ के साथ मिलकर एक बड़े जन-आंदोलन का रूप लेगा।
इस अभियान के तहत देशभर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ महिलाओं और बच्चों की मुफ्त स्वास्थ्य जांच, पोषण परामर्श, और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जाएगा। विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें इन शिविरों में मौजूद रहेंगी ताकि आमजन को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो सके। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभियान का उद्देश्य केवल रोगों की पहचान और उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि पोषण शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर और परिवार को सशक्त बनाना भी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2047 तक विकसित भारत के संकल्प की दिशा में यह अभियान एक सशक्त कड़ी माना जा रहा है। महिलाओं और बच्चों का स्वास्थ्य मजबूत होगा तो परिवार और समाज भी सशक्त होगा, और यही विकसित भारत की नींव बनेगा। अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि हर नागरिक की भागीदारी इस अभियान को सफल बनाएगी। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी व सेवाओं का लाभ उठाएँ। इससे न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि सामूहिक रूप से समाज की स्वास्थ्य स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
“स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान और “पोषण माह 2025” एक साथ मिलकर जन-जागरूकता का अभूतपूर्व उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। यह पहल महिलाओं को स्वास्थ्य के क्षेत्र में सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें अपने परिवार और समाज की रीढ़ के रूप में स्थापित करेगी। जब महिलाएँ स्वस्थ होंगी तो परिवार सुरक्षित होगा और जब परिवार मजबूत होगा तो पूरा राष्ट्र आगे बढ़ेगा। इस अभियान के माध्यम से सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि स्वस्थ समाज ही विकसित भारत का आधार है। निस्संदेह, यह महाअभियान भारत को 2047 तक एक सशक्त और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।












