गिरिडीह जिले के पचम्बा थाना क्षेत्र अंतर्गत चैताडीह 28 नंबर भंडारीडीह वार्ड नंबर 20 में स्थित चैताडीह तालाब, जो वर्षों से स्थानीय लोगों की जरूरतों का आधार रहा है, अब असामाजिक तत्वों और भू-माफियाओं के निशाने पर है। जानकारी के अनुसार, इस सरकारी तालाब को ईंट और मिट्टी से भरकर अतिक्रमण करने की कोशिश की जा रही थी। तालाब को भरकर जमीन का गलत तरीके से खरीद-बिक्री करने की साजिश की खबर सामने आई है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को आवेदन सौंपा और त्वरित कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यह तालाब केवल एक जलस्रोत नहीं है, बल्कि आसपास के लोगों और पशुओं के लिए जीवन रेखा है। पीने, नहाने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए इस तालाब का उपयोग वर्षों से किया जा रहा है। इसके अलावा, यहां का पारिस्थितिक संतुलन भी इस जलस्रोत पर निर्भर करता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ भू-माफिया जानबूझकर इस तालाब की भूमि को मिट्टी और ईंटों से भरकर जमीन की अवैध बिक्री की तैयारी कर रहे हैं। यह तालाब पुराना और ऐतिहासिक महत्व का है, जिसे नष्ट करने की कोशिश न सिर्फ गैरकानूनी है बल्कि पर्यावरण के लिए भी घातक है। ग्रामीणों ने मंत्री से अनुरोध किया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और मंत्री फंड से तालाब के जिर्णोद्वार के लिए कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
शिकायत मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और पचम्बा थाना की पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को रोकते हुए तालाब की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में राहत की भावना देखी गई। अब स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सरकार तालाब की मरम्मत और सुरक्षा को प्राथमिकता देगी, जिससे यह प्राकृतिक जलस्रोत आने वाली पीढ़ियों के लिए भी संरक्षित रह सके।












