गिरिडीह के सदर अस्पताल में विश्व यक्ष्मा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, सिविल सर्जन डॉ. एसपी मिश्रा समेत अन्य अधिकारियों ने टीबी उन्मूलन का संकल्प लिया। अधिकारियों ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क इलाज के साथ मरीजों को ₹500 मासिक सहायता दी जाती है। टीबी मुक्त भारत अभियान 2026 को सफल बनाने के लिए जागरूकता और सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया।
सिविल सर्जन डॉ. एसपी मिश्रा ने पांच टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके इलाज में सहायता देने की घोषणा की, जबकि जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रेखा कुमारी ने बताया कि पिछले वर्ष 51,703 बलगम जांचों में 3,328 मरीजों की पहचान कर इलाज शुरू किया गया। इस अवसर पर “निक्षय मित्र” पहल के तहत मरीजों की मदद करने वाले डॉक्टर्स और स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने टीबी उन्मूलन को जन आंदोलन बनाने की अपील की, जिससे समाज में इस बीमारी के खिलाफ एकजुटता को बढ़ावा मिले।













