बिरहोर, एक विलुप्तप्राय आदिम जनजाति समुदाय, जो समाज के पिछड़े हिस्से में खड़ा है, जहां स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का अभाव और मातृ-शिशु मृत्यु दर उच्च है, वहां स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ गैर सरकारी संगठन बनवासी विकास आश्रम लगातार बिरहोर समुदाय के जीवन में सुधार लाने के लिए कार्यरत है।

आज बगोदर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बनवासी विकास आश्रम के सहयोग से एक स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य बिरहोर समुदाय के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टर चांदनी पाठक और उनकी टीम ने 42 लोगों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें बच्चों की पोषण जांच, महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का निदान और सामान्य स्वास्थ्य जांच शामिल थी। जांच में कुछ लोगों को सर्दी-ज़ुकाम और एक महिला को आंखों की दृष्टि से संबंधित समस्या पाई गई, जिनका उपचार किया गया।

शिविर में डॉक्टरों ने लोगों को नियमित जांच और स्वच्छता के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इस पहल की सराहना की। बनवासी विकास आश्रम के कार्यक्रम समन्वयक उत्तम कुमार ने बताया कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और चिकित्सा सेवाओं को उन क्षेत्रों में पहुंचाना है, जहां यह सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। शिविर में सामुदायिक कार्यकर्ताओं कृष्णा हेम्ब्रम, रवि पासवान, उदय सोनी, भागीरथी देवी और सेविका जयन्ती देवी का योगदान अत्यधिक सराहनीय था।













