गिरिडीह में सावन माह के अवसर पर मंगलवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर विद्यालय की ओर से करीब 300 छोटे बच्चों के लिए कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया। बच्चे कांवड़ लेकर भगवान भोलेनाथ के जयकारे और बोलबम के नारे लगाते हुए बरगंडा स्थित विश्वनाथ मंदिर पहुंचे।यात्रा के दौरान बच्चों के उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। बोलबम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। बच्चों के साथ विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी मौजूद रहे और आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में सहयोग किया।
बरगंडा विश्वनाथ मंदिर पहुंचने के बाद सभी बच्चों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान बच्चों ने भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में बच्चों के बीच धार्मिक आस्था और उत्साह देखने को मिला।विद्यालय की ओर से बताया गया कि कांवड़ यात्रा आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों में भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और संस्कारों के प्रति जागरूकता पैदा करना है। कम उम्र से ही बच्चों को अपनी संस्कृति और धार्मिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ उनके अंदर श्रद्धा, संस्कार और सामाजिक भावना विकसित करने के उद्देश्य से इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि बच्चों को केवल शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से सावन के पावन महीने में कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन से बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों में उत्साह देखने को मिला।











