गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड अंतर्गत मिर्जागंज पंचायत के अहरडीह गांव में अवैध रूप से संचालित एक आरा मिल के खिलाफ वन विभाग ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मिल को ध्वस्त कर दिया। छापेमारी के दौरान करीब एक लाख रुपये मूल्य की लकड़ी, जनरेटर, आरा मशीन तथा मिल संचालन में प्रयुक्त अन्य उपकरण जब्त किए गए।इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।जानकारी के अनुसार वन क्षेत्र पदाधिकारी सुरेश राम के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने अहरडीह गांव में संचालित आरा मिल पर छापेमारी की। अभियान का नेतृत्व फॉरेस्टर कुमार मंगलम एवं संत कुमार देव ने किया। टीम ने आरा मिल से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान मिल के संचालन के लिए वैध अनुमति नहीं मिलने पर वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरा मिल को ध्वस्त कर दिया और वहां मौजूद लकड़ी व अन्य उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया।

फॉरेस्टर कुमार मंगलम ने बताया कि जब्त की गई लकड़ी की अनुमानित कीमत करीब एक लाख रुपये है। इसके अलावा जनरेटर, मशीनरी तथा अन्य उपकरण भी जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से आरा मिल संचालित करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही मामले की विस्तृत जांच भी जारी है।

वन विभाग ने स्पष्ट किया कि जंगलों और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। बिना अनुमति आरा मिल संचालन, अवैध लकड़ी कटाई और लकड़ी के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि वन संपदा की सुरक्षा में सहयोग करें और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें।











