गिरिडीह में बिजली विभाग के एक केजुअल कर्मी की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। महतोडीह में करंट लगने से हुई मौत के विरोध में परिजनों और स्थानीय लोगों ने डांडीडीह स्थित बाबर हाउस के सामने सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई।मृतक की पहचान मटरूखा पंचायत निवासी 46 वर्षीय सरयू पंडित के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वे पिछले 18 वर्षों से डांडीडीह पावर हाउस में केजुअल वर्कर के तौर पर कार्यरत थे।

परिजनों का आरोप है कि महतोडीह में ट्रांसफार्मर पर कार्य के दौरान पहले शटडाउन लिया गया था, लेकिन काम चलने के बीच अचानक बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई। इसी दौरान सरयू पंडित करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। सड़क जाम कर रहे लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, मृतक के आश्रितों को सरकारी नौकरी और पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर स्थिति सामान्य कराने का प्रयास किया।
अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम और पीड़ित परिवार को मिलने वाली सहायता पर टिकी है।












