गिरिडीह जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। शुक्रवार को सरिया अंचल के बाल्हेडीह जंगल में संचालित अवैध पत्थर खदान पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर करोड़ों रुपये मूल्य की भारी मशीनों और उपकरणों को जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान मौके से 6 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि इस कार्रवाई से जुड़े कई अन्य लोगों के फरार होने की भी सूचना है। इस ऑपरेशन के बाद पूरे इलाके के अवैध खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।जानकारी के अनुसार, यह संयुक्त अभियान एसडीओ संतोष गुप्ता के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान में एसडीपीओ धनंजय राम, अंचल अधिकारी संतोष कुमार, सरिया थाना प्रभारी पिंकू कुमार सिंह सहित पुलिस एवं प्रशासन के कई अधिकारी और बड़ी संख्या में सुरक्षा बल शामिल रहे। भारी पुलिस बल के साथ जंगल के भीतर पहुंची टीम ने अवैध रूप से संचालित खदान को चारों ओर से घेर लिया और मौके पर चल रहे उत्खनन को तत्काल बंद करा दिया।

छापेमारी के दौरान प्रशासन ने पत्थर उत्खनन में इस्तेमाल की जा रही भारी मशीनों, उपकरणों और अन्य संसाधनों को जब्त कर लिया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की तथा अवैध खनन से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। हिरासत में लिए गए छह लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस अवैध खदान का संचालन ताजुद्दीन अंसारी, नरेश पासवान और सुरेश नायक द्वारा किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस इन सभी की भूमिका की गहन जांच कर रही है और पूरे सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।

बताया जा रहा है कि बाल्हेडीह जंगल में लंबे समय से अवैध पत्थर उत्खनन की शिकायतें प्रशासन को मिल रही थीं।शिकायतों के सत्यापन के बाद योजनाबद्ध तरीके से यह संयुक्त छापेमारी की गई। अचानक हुई कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में खलबली फैल गई।

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है और जांच के आधार पर खनन माफियाओं के पूरे नेटवर्क पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संपत्ति और प्राकृतिक संसाधनों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।











