गिरिडीह जिले के गांडेय विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सदर प्रखंड की बदगुन्दाखुर्द पंचायत में वन विभाग की कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया है। एक गरीब आदिवासी परिवार ने आरोप लगाया है कि रिश्वत नहीं देने पर उनके निर्माणाधीन अबुआ आवास को रात में तोड़ दिया गया। पीड़ित तुढ़ा टूड्डू की पत्नी का कहना है कि घर निर्माण नहीं रोकने के एवज में वन विभाग के कुछ अधिकारियों ने 30 हजार रुपये की मांग की थी। आर्थिक तंगी के कारण राशि नहीं देने पर देर रात पहुंचकर आवास को ध्वस्त कर दिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए विरोध जताया।

ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उसी क्षेत्र में अन्य मकान भी बने हैं, लेकिन कार्रवाई केवल एक परिवार पर की गई। मुखिया फूलचंद बास्के ने बिना पूर्व नोटिस रात में की गई कार्रवाई को अमानवीय बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं वन विभाग के रेंजर एस.के. रवि ने रिश्वत के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विभाग वन भूमि अतिक्रमण के खिलाफ कानून के अनुसार अभियान चला रहा है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन किया जाएगा।












