Aba News

महिला नेतृत्व से मजबूत होगा लोकतंत्र, नारी शक्ति वंदन अधिनियम बना परिवर्तन का आधार : अन्नपूर्णा देवी

भारत की केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा है कि देश के लोकतंत्र को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने के लिए विधायिकाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सितंबर 2023 में पारित संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम के नाम से जाना जाता है, महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई आरक्षण प्रदान कर लोकतांत्रिक ढांचे को नई दिशा देता है। यह केवल संवैधानिक बदलाव नहीं, बल्कि नीति निर्माण में महिलाओं की निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करने की ऐतिहासिक पहल है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने पिछले दशक में महिला सशक्तिकरण के लिए वित्तीय समावेशन, उद्यमिता, आवास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई कदम उठाए हैं, जिससे नेतृत्व की मजबूत नींव तैयार हुई है। पंचायती राज संस्थाओं में लगभग 50 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व इसका प्रमाण है। अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि अब लक्ष्य केवल भागीदारी नहीं, बल्कि निर्णय-निर्माण में प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करना है, ताकि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को मजबूत और संतुलित नेतृत्व के साथ हासिल किया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़ें