विश्व जल दिवस के अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल केवल संसाधन नहीं बल्कि जीवन की आधारशिला है और इसका संरक्षण हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। भारत में विश्व की 18 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है, जबकि वैश्विक मीठे जल संसाधनों का मात्र 4 प्रतिशत ही उपलब्ध है। ऐसे में जल प्रबंधन आज राष्ट्रीय प्राथमिकता बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल शक्ति मंत्रालय की स्थापना, जल जीवन मिशन, नमामि गंगे और कैच द रेन जैसे अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण, भंडारण और गुणवत्ता सुधार की दिशा में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत अब तक 15.8 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाया जा चुका है, जिससे महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और जल पुनर्चक्रण को बढ़ावा मिल रहा है। पाटील ने कहा कि जल सुरक्षा केवल सरकारी योजनाओं से नहीं बल्कि जनभागीदारी और व्यवहार परिवर्तन से संभव है। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने और प्रतिदिन जल बचाने का संकल्प लेने की अपील की।










