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जनवरी में कलाकारों का महाजुटान, 12 राज्यों के कलाकार होंगे शामिल: पंकज ताह

गिरिडीह में कला, संस्कृति और रंगमंच का बड़ा उत्सव देखने को मिलेगा। कला संगम की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक अध्यक्ष प्रकाश सहाय की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जबकि संचालन सचिव सतीश कुन्दन ने किया। बैठक में संस्था की रजत जयंती को भव्य रूप से मनाने का निर्णय लिया गया। 29 जनवरी से 1 फरवरी तक स्व उमा रानी ताह की स्मृति में 25वीं अखिल भारतीय बहुभाषी नाटक एवं लोक नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर बंगाल, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और असम सहित 12 राज्यों से आए कलाकार 20 नाटकों का मंचन करेंगे। कार्यक्रम में ईदिपस, ताजमहल का टेंडर जैसे चर्चित नाटकों के साथ-साथ झारखंड का नटुआ, झूमर, कर्मा, बीहू, छऊ, महाराष्ट्र की लावनी, ओडिसी, कथक और भरतनाट्यम जैसे लोक व शास्त्रीय नृत्यों की प्रस्तुति होगी।

बैठक में अधिवक्ता संघ के हालिया चुनाव में कला संगम के पदाधिकारियों की शानदार जीत पर सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव प्रशासन और लाइब्रेरी पदों पर जीत हासिल करने वाले पदाधिकारियों को पुष्पगुच्छ और शॉल देकर सम्मानित किया गया। अध्यक्ष प्रकाश सहाय को संरक्षक राजेन्द्र बगडिया और उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार सिन्हा ने सम्मानित किया। उपाध्यक्ष पद पर विजयी विशाल आनंद को संरक्षक श्रेयांस जैन और कार्यकारी अध्यक्ष पंकज ताह ने सम्मान प्रदान किया। महासचिव बने चुन्नूकांत, संयुक्त सचिव प्रशासन बने शिवेन्द्र सिन्हा और संयुक्त सचिव लाइब्रेरी चुने गए सुभोनिल सामंता को भी अलग-अलग संरक्षकों और पदाधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया। कोष समिति के देवेंद्र सिंह ने 30 दिसंबर तक आजीवन सदस्यता सहयोग जमा करने और स्मारिका के लिए विज्ञापन सहयोग की अपील की।

कार्यक्रम को यादगार बनाने पर जोर देते हुए संरक्षक राजेन्द्र बगडिया ने कहा कि इस बार 12 राज्यों के कलाकार गिरिडीह आ रहे हैं और उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि गिरिडीह एक सांस्कृतिक राजधानी है। पंकज ताह ने कहा कि यह आयोजन स्व उमा रानी ताह की स्मृति में हो रहा है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है, और धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। अध्यक्ष प्रकाश सहाय ने कहा कि कला संगम अब उस मुकाम पर पहुंच चुका है जहां यह सामूहिक नेतृत्व के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि 21 दिसंबर को अधिवक्ता संघ हॉल में ‘काल कोठरी’ नाटक का प्रीमियर शो होगा। बैठक में स्मारिका ‘सर्जना’ के प्रकाशन का भी निर्णय लिया गया, जिसकी जिम्मेदारी सुनील मंथन शर्मा को दी गई, मुख्य संपादक राकेश सिन्हा होंगे और प्रबंधन सतीश कुन्दन देखेंगे। बैठक के बाद देर रात तक संगीत की महफिल सजी रही और बड़ी संख्या में कलाकार व सदस्य मौजूद रहे।

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