गिरिडीह जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत गंगापुर में स्थित जिले के गौरव और विख्यात पर्यटन स्थल उसरी जलप्रपात अब नए रूप में नजर आएगा। झारखंड सरकार के पर्यटन, कला-संस्कृति, युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने शनिवार को लगभग दस करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इको-टूरिज्म विकास योजना का विधिवत शिलान्यास किया। इस अवसर पर गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, डीएफओ मनीष तिवारी, एसडीएम श्रीकांत यशवंत विस्पुते, एसडीपीओ जितवाहन उरांव, बीडीओ गणेश रजक सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे। शिलान्यास कार्यक्रम की शुरुआत पूजा-अर्चना और नारियल फोड़कर की गई, जिसके बाद आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार मंत्री का पारंपरिक स्वागत हुआ। स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार झारखंड में पर्यटन के समग्र विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह केवल वादा नहीं बल्कि ठोस कार्ययोजना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पिछले लंबे समय में जिस विकास की कमी महसूस की गई, उसे मौजूदा सरकार ने कम समय में पूरा करने का प्रयास किया है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि आने वाले एक वर्ष में उसरी जलप्रपात का स्वरूप पूरी तरह बदला हुआ दिखाई देगा और यह स्थल राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर उसरी फॉल झारखंड की पहचान है और इसे सुरक्षित, स्वच्छ व पर्यटक-अनुकूल बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण के लिए स्थानीय लोगों और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी तय की गई है। गेस्ट हाउस का संचालन महिलाओं द्वारा किया जाएगा, जिन्हें होटल प्रबंधन से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही नियमित साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, बिजली व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। मंत्री ने इस दिन को उसरी जलप्रपात के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आने वाले समय में यह स्थल न सिर्फ गिरिडीह बल्कि पूरे झारखंड के पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान बनाएगा।













