जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में इतिहास रचते हुए पहली बार डे-नाइट क्रिकेट मैच आयोजित किया गया। एक स्टेडियम में रिकॉर्ड संख्या में लोग इस मैच को देखने के लिए पहुंचे। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ साल पहले तक यहां ऐसे आयोजन की कल्पना भी असंभव थी, लेकिन अब यह हकीकत बन गया है। यह आयोजन न केवल खेल प्रेमियों के लिए उत्सव था, बल्कि यह संदेश भी देता है कि कश्मीर तेजी से बदल रहा है और नए अवसरों के साथ आगे बढ़ रहा है।
इसी कड़ी में श्रीनगर की खूबसूरत डल झील पर ‘पहला Khelo India Water Sports Festival’ आयोजित किया गया। यह स्थान अपने प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण के कारण इस आयोजन के लिए बेहद खास रहा। इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में वाटर स्पोर्ट्स को और लोकप्रिय बनाना और स्थानीय युवाओं को खेलों की ओर प्रोत्साहित करना है।
इन आयोजनों ने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत किया है। खेल न केवल लोगों को एकजुट करते हैं, बल्कि देश की एकता और विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। चाहे पुलवामा का क्रिकेट मैच हो या डल झील का वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल, दोनों ने दिखा दिया कि खेलों के जरिए सकारात्मक बदलाव संभव है।
जैसा कि प्रधानमंत्री ने कहा है, “जो खेलता है, वो खिलता है और हमारा देश भी जितने टूर्नामेंट खेलेगा, उतना खिलेगा।” जम्मू-कश्मीर में इन आयोजनों ने युवाओं में नई ऊर्जा और उम्मीद जगाई है और यह संदेश दिया है कि खेल ही विकास और खुशहाली की कुंजी हैं।












