रिलायंस इंडस्ट्रीज की 48वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जियो का बहुप्रतीक्षित आईपीओ अगले साल जून तक लाया जाएगा। अंबानी के अनुसार यह कदम न केवल भारतीय बाजार बल्कि ग्लोबल स्तर पर भी निवेशकों के लिए वैल्यू अनलॉक करेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि जियो का IPO भारत के डिजिटल और टेलीकॉम सेक्टर के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। इसके साथ ही उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को “हमारी पीढ़ी की कामधेनु गाय” बताते हुए कहा कि रिलायंस अपने हर बिजनेस सेगमेंट—ऊर्जा, रिटेल, टेलीकॉम और एंटरटेनमेंट—में AI का इस्तेमाल करेगी।
जियो की शुरुआत 2016 में हुई थी और तब से इसने भारतीय टेलीकॉम सेक्टर की तस्वीर ही बदल दी। मुफ्त डेटा और कॉलिंग सर्विस के दम पर जियो ने एयरटेल और वोडाफोन जैसे दिग्गजों को कड़ी चुनौती दी और देखते ही देखते देश का सबसे बड़ा मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर बन गया। आज जियो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम ऑपरेटर है। 4G से शुरुआत करने वाली कंपनी अब 5G के बाद 6G तकनीक पर काम कर रही है। कंपनी ने डिजिटल इंडिया मिशन को भी नई ताकत दी है और भारत को दुनिया के सबसे तेज 5G रोलआउट का गौरव दिलाया है।
वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही जियो के लिए बेहद मजबूत रही। कंपनी का मुनाफा 25% बढ़कर ₹7,110 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि रेवेन्यू ₹41,054 करोड़ रहा। एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) भी 15% की छलांग के साथ ₹208.8 तक पहुंच गया। AGM में मुकेश अंबानी ने जियो की कई नई लॉन्चिंग्स भी पेश कीं, जिनमें RIYA (कंटेंट पर वॉइस सर्च), वॉइस प्रिंट (भारतीय भाषाओं में AI डबिंग और लिप सिंक), JioLenZ (पर्सनलाइज्ड व्यूइंग ऑप्शंस) और MaxView 3.0 (मल्टी-एंगल, मल्टी-लैंग्वेज इमर्सिव क्रिकेट अनुभव) शामिल हैं। यह सब दर्शाता है कि जियो सिर्फ टेलीकॉम कंपनी नहीं, बल्कि डिजिटल एंटरटेनमेंट और इनोवेशन का भी केंद्र बन चुका है।
AGM के दौरान मुकेश अंबानी ने भारत की आर्थिक संभावनाओं पर भी विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि अगर भारत हर साल 10% की दर से GDP बढ़ाता है तो अगले दो दशकों में प्रति व्यक्ति आय 4 से 5 गुना तक बढ़ सकती है। उन्होंने रिलायंस इंटेलिजेंस मिशन लॉन्च करने की घोषणा की, जो भारत में AI को बढ़ावा देगा। साथ ही गूगल के साथ साझेदारी कर Gemini AI, जामनगर क्लाउड रीजन, AI स्मार्टफोन और XR डिवाइस पर काम करने की योजना बताई। हालांकि, AGM के बीच रिलायंस के शेयरों में 1.5% की मामूली गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद कंपनी निवेशकों के लिए लंबी अवधि में भरोसे का बड़ा नाम बनी हुई है और आने वाला जियो IPO इस भरोसे को और मजबूत करने वाला है।












