लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पतरातू डैम का जलस्तर काफी बढ़ जाने पर डैम प्रबंधन ने रविवार की सुबह सभी आठ फाटक खोल दिए हैं। पहले चार फाटकों से ही जल निकासी हो रही थी, लेकिन भारी बारिश के चलते अब कुल आठ फाटकों से लगभग 8500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते दामोदर नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है और निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका गहरा गई है। डैम प्रबंधन की टीम जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है और पानी को 1328 आरएल पर नियंत्रित रखने की कोशिश कर रही है।
फाटकों के खुलने के बाद नदी किनारे बसे इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। रामगढ़ जिला प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने साफ कहा है कि लोग नदी किनारे और डैम के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं। संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। वहीं, प्रबंधन ने डैम की क्षमता को लेकर जानकारी दी कि पहले इसकी मूल क्षमता 1332 आरएल थी, जिसे घटाकर 1330 आरएल कर दिया गया है।
इधर, पतरातू प्रखंड के कई हिस्सों में जलजमाव से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। शहीद भगत सिंह चौक से रेलवे स्टेशन तक जाने वाले रास्ते पर भारी पानी भर गया है। इसी तरह पीटीपीएस कॉलोनी क्षेत्र की कई सड़कों पर जलभराव से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश और डैम से छोड़े जा रहे पानी को देखते हुए प्रशासन ने आमजनों को पूरी तरह सतर्क रहने और सावधानी बरतने की अपील की है।












