Aba News

शिबू सोरेन का श्राद्ध-कर्म: नेमरा में उमड़ेगा सागर सा जनसमूह, 4 हेलीपैड और पुख्ता सुरक्षा इंतजाम

दिशोम गुरु शिबू सोरेन के श्राद्ध-कर्म की तैयारियां नेमरा में जोर-शोर से चल रही हैं। 15 अगस्त को दशकर्म और 16 अगस्त को संस्कार भोज का आयोजन होगा, जिसमें करीब एक लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। इस अवसर के लिए हिंदी और संथाली भाषा में निमंत्रण पत्र छपवाकर वितरण किया जा रहा है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता, कांग्रेस अध्यक्ष, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और विशिष्ट अतिथियों को कैबिनेट सचिवालय द्वारा औपचारिक निमंत्रण भेजा जाएगा, वहीं झामुमो जिला कमेटी राज्य के लोगों को कार्ड बांट रही है। इस बीच, बिरसाइत पंथ के अनुयायियों ने नेमरा पहुंचकर गुरुजी की आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की और उत्तर प्रदेश के नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व होगी। प्रशासन ने गुरुजी के पैतृक आवास के 300 मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग कर दी है, जहां केवल वीआईपी और करीबी लोगों को प्रवेश की अनुमति होगी। वीआईपी के लिए चार हेलीपैड बनाए गए हैं — तीन घर के पास और एक लुकईयाटांड़ रोड पर। इसके अलावा, एक लाख लोगों की भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए विस्तृत यातायात और पार्किंग योजना बनाई गई है। लुकईयाटांड़ के पास आम लोगों के लिए तीन किमी दूर पार्किंग स्थल बनाया गया है, जबकि वीआईपी वाहनों के लिए एक किमी दूर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

भारी भीड़ को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए 300 ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है, जो लुकईयाटांड़ से लोगों को पंडाल तक ले जाएंगे। भीड़भाड़ और यातायात को सुचारू रखने के लिए वीआईपी को छोड़कर किसी भी निजी वाहन को सीधे कार्यक्रम स्थल तक जाने की अनुमति नहीं होगी। लोगों की सुविधा के लिए गोला से सिल्ली मोड़ तक नई सड़क का निर्माण और नेमरा मार्ग की मरम्मत भी की जा रही है, ताकि आने-जाने में कोई दिक्कत न हो।

श्राद्ध-कर्म के लिए पांच विशाल पंडाल बनाए गए हैं, जिनमें कम्युनिटी हॉल के पास एक विशेष वीआईपी पंडाल शामिल है। चार प्रमुख स्थानों पर गुरुजी की तस्वीरें लगाई जाएंगी, जहां लोग श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। सुरक्षा के लिहाज से 14 से 16 अगस्त तक नौ आईपीएस अधिकारी और 12 से 17 अगस्त तक 40 डीएसपी तैनात रहेंगे। इस तरह के अभूतपूर्व इंतजाम इस बात का संकेत हैं कि गुरुजी के प्रति लोगों की श्रद्धा कितनी गहरी है और यह आयोजन झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास में एक विशेष स्थान बनाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़ें