झारखंड आंदोलन के प्रणेता और झामुमो के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन की खबर से पूरे गिरिडीह जिले में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को गिरिडीह शहर के बस स्टैंड रोड स्थित झामुमो जिला कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रख दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी।

सभा में झामुमो जिला महासचिव महालाल सोरेन, अजीत कुमार पप्पू, शाहनवाज अंसारी, सुमन सिन्हा, रॉकी सिंह, अभय सिंह, शाहिद अख्तर, नुरुल होदा, दिलीप रजक, रुपेश रजक, प्रदोष कुमार समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वक्ताओं ने गुरूजी के योगदानों को याद करते हुए उन्हें झारखंड का असली शिल्पी बताया और कहा कि वे सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि एक युगद्रष्टा थे जिन्होंने आदिवासी, दलित और वंचित समाज को आवाज दी। दिशोम गुरु की सोच और संघर्ष की वजह से ही झारखंड राज्य अस्तित्व में आया और वे हमेशा झारखंड की आत्मा के रूप में याद किए जाएंगे। उनके निधन से राज्य ने एक युगपुरुष को खो दिया है।












