उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के पौराणिक औसानेश्वर महादेव मंदिर में रविवार रात जो हुआ, उसने न सिर्फ श्रद्धालुओं की रूह कंपा दी, बल्कि प्रशासन की लापरवाही की परतें भी खोल दीं। रात के दो बजे, जब जलाभिषेक की शुरुआत हुई, उसी दौरान मंदिर परिसर में अचानक करंट फैल गया। बिजली की एक चिंगारी ने पूरे मंदिर में ऐसी भगदड़ मचाई कि दो लोगों की मौत मौके पर हो गई, और 29 श्रद्धालु घायल हो गए।
यह हादसा उस समय हुआ, जब सावन के तीसरे सोमवार की रात हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर में एकत्रित थे। बाराबंकी के हैदरगढ़ क्षेत्र में स्थित यह मंदिर करीब 450 वर्ष पुराना है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। इस रात भी भक्तों का जनसैलाब उमड़ा था। लेकिन रात के करीब 2 बजे, जैसे ही एक बंदर बिजली के तार पर कूदा, वह तार टूटकर मंदिर के टीन शेड पर गिरा और पूरा परिसर करंट से झुलस गया। चीख-पुकार, भगदड़, और जान बचाने के लिए एक-दूसरे पर चढ़ते लोग — यह दृश्य किसी त्रासदी से कम नहीं था।
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद पुलिस ने हालात को संभालने की कोशिश की, लेकिन जब तक जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और एसपी अर्पित विजयवर्गीय पहुंचे, दो लोगों की जान जा चुकी थी। घायलों में कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। उन्हें हैदरगढ़ और त्रिवेदीगंज सीएचसी में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर घायलों को बाराबंकी जिला अस्पताल रेफर किया गया।












