गिरिडीह जिले में आज सुबह से ही मुहर्रम को लेकर खासा उत्साह देखा गया। जिले के कई स्थानों पर मुहर्रम का जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। खासकर युवाओं की टोलियों ने पारंपरिक परंपराओं को निभाते हुए जुलूस को और भी भव्य बना दिया। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच जुलूस की रवानगी ने माहौल को भावनात्मक और श्रद्धामय बना दिया।
इस जुलूस में युवकों द्वारा किए गए हैरतअंगेज खेल लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। लाठियों का प्रदर्शन, आग से खेल और परंपरागत युद्ध कला का जीवंत प्रदर्शन देख दर्शक दंग रह गए। यह नजारा केवल उत्सव का नहीं बल्कि उनकी निपुणता और साहस का भी प्रतीक था। युवाओं ने जोश और अनुशासन के साथ इन खेलों का प्रदर्शन कर माहौल को और भी रोमांचक बना दिया।
मुहर्रम जुलूस के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क नजर आया। शहर के मुख्य चौराहों जैसे बड़ा चौक, पदम चौक और पचम्बा में विशेष रूप से मंच बनाए गए थे, जहां से प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम पर पैनी नजर रखी। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
शांति और सद्भाव के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन गिरिडीह की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समर्पण का प्रतीक बनकर सामने आया। प्रशासन और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से यह जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। इस दौरान प्रशासन और आयोजकों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला, जिससे यह आयोजन न सिर्फ सफल रहा, बल्कि एक मिसाल के तौर पर यादगार बन गया।












