गिरिडीह: विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर गिरिडीह के सदर अस्पताल सभाकक्ष में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त रामनिवास यादव ने की, जो बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा किया गया, जिसमें स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर लोगों को शपथ दिलाई गई। डीसी यादव ने रक्तदान की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा कि यह एक ऐसा पुण्य कार्य है जो न केवल किसी की जान बचाता है, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी बनता है।
कार्यक्रम के दौरान डीसी श्री यादव ने सभी उपस्थित लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई। उन्होंने ब्लड बैंक की पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि रक्त की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करने में इनका योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी आपात स्थिति का इंतजार न करें, बल्कि नियमित रूप से रक्तदान करें। वहीं सिविल सर्जन डॉ. एस.पी. मिश्रा ने स्वागत भाषण में थैलीसीमिया, सिकल सेल एनीमिया और हीमोफीलिया जैसे रोगों के मरीजों की संख्या और रक्त की जरूरतों के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर रक्तदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 15 लोगों को सम्मानित किया गया। उन्हें सर्टिफिकेट और मोमेंटो प्रदान कर समाज में उनके सकारात्मक कार्यों की सराहना की गई। सम्मानित लोगों में डॉ. एस.के. डोकानिया, डॉ. विकास लाल, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. साकेत, शालिनी खोवाला, मदनलाल विश्वकर्मा, डॉ. निकिता गुप्ता, रिया अग्रवाल, स्वाति बगेड़िया, विकास सिन्हा, अतेंद्र नारायण राम, बुलंद अख्तर, दानिश और सुरेंद्र यादव शामिल रहे। साथ ही, उपायुक्त और सिविल सर्जन को भी रक्तदान शिविरों की बेहतर मॉनिटरिंग के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन रेडक्रॉस के चेयरमैन सह ब्लड बैंक के सचिव अरविंद कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. शोहेल अख्तर ने किया। इस आयोजन को सफल बनाने में संत कुमार समेत सदर अस्पताल के समस्त स्टाफ की सक्रिय भागीदारी रही। विश्व रक्तदान दिवस पर यह आयोजन न केवल समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहा है, बल्कि यह भी संदेश दे रहा है कि ‘रक्तदान – जीवनदान’ है और इसे हर नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी समझना चाहिए।












