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जासूसी के जाल में फंसी यूट्यूबर: ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी से जुड़े पांच बड़े खुलासे

नई दिल्ली: हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जासूसी के आरोप में गिरफ्तारी ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। पुलिस ने इस मामले में जो खुलासे किए हैं, वे न केवल चौंकाने वाले हैं, बल्कि यह भी संकेत देते हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कैसे खतरनाक साजिशों का जरिया बन सकते हैं। ‘ट्रैवल विद JO’ नाम के यूट्यूब चैनल की संचालिका ज्योति के पाकिस्तान खुफिया एजेंसी (PIO) के संपर्क में होने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस के मुताबिक उसे एक “दीर्घकालिक संपत्ति” (long-term asset) के रूप में तैयार किया जा रहा था, जिससे भारत-विरोधी नैरेटिव को सोशल मीडिया पर फैलाया जा सके।

पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सवां के अनुसार, ज्योति मल्होत्रा का अन्य यूट्यूब इन्फ्लुएंसर्स और पाकिस्तानी अधिकारियों से संपर्क था। यह बात तब और गंभीर हो जाती है जब यह सामने आया कि अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाक संघर्ष के दौरान वह पाकिस्तान उच्चायोग के एक अधिकारी के संपर्क में थी। यह वही अधिकारी है जिसे भारत सरकार ने “पर्सोना नॉन ग्रेटा” घोषित कर देश से निकाल दिया है। इससे स्पष्ट होता है कि उसकी गतिविधियाँ केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं थीं, बल्कि राजनयिक स्तर पर भी संदिग्ध थीं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ज्योति ने न केवल पाकिस्तान, बल्कि चीन की भी यात्रा की थी। पुलिस का कहना है कि उसकी पाकिस्तान यात्रा 2023 में हुई थी, जहां उसका संपर्क एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश और अली अहवान से हुआ। इन लोगों ने उसकी यात्रा और ठहरने की व्यवस्था की थी। इन यात्राओं ने खुफिया एजेंसियों को शक में डाल दिया कि कहीं वह किसी बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं थी। एफआईआर के मुताबिक, ये संपर्क एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।

वर्तमान में ज्योति को भारतीय राज अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया है। पुलिस उसकी वित्तीय गतिविधियों, यात्रा इतिहास और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज की गहन जांच कर रही है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ यह पता लगाने में लगे हैं कि क्या उसने कोई संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी एजेंटों को दी थी। इस बीच, पुरी (ओडिशा) की यूट्यूबर प्रियंका सेनापति के साथ उसके संपर्कों की भी जांच शुरू हो गई है। यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक पूरे नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है, जो भारत की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

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