निजी विद्यालय की तरह हो गया है सरकारी विद्यालय :- अभिभावक
गिरिडीह : प्रखण्ड के प्लस टू उ0 वि0 पलौंजिया में सरकारी शिक्षक पढ़ाने के अलावे बच्चों को ड्रेस बेच रहे हैं ।जानकारी के अनुसार विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को सप्ताह में दो दिन ट्राउजर एवं टीशर्ट पर बुलाया जाता है । यह ड्रेस भी विद्यालय के सरकारी शिक्षकों पर बेचने का आरोप है । स्थानीय लोगों ने बताया कि निजी विद्यालय जिस तरह किताब,कॉपी,जूते,मौजे और ड्रेस बेचता है उसी के तर्ज पर सरकारी विद्यालय भी ड्रेस बेचना शुरू कर दिया है । कहते हैं सभी चीज विद्यालय से खरीदिये और पढ़ाई ट्यूशन में पढ़िए । ऐसे में जो अभिभावक गरीब हैं उनके बच्चे भी सरकारी विद्यालय में नही पढ़ पाएंगे । क्योंकि उन्हें भी तरह-तरह के ड्रेस एवं अन्य जरूरी चीजें निजी विद्यालय के तर्ज पर खरीदना पड़ेगा तो वह यह बोझ कैसे उठा पाएंगे । वहीं दूसरी ओर मीना देवी,ममता कुमारी,गुड़िया देवी,कविता कुमारी,सुधा वर्मा,अंजली देवी,अनिता देवी,संगीता कुमारी एवं सोनी देवी ने बताया कि उ0 वि0 में नौवीं से बारहवीं तक पढ़ने वाली बच्चियाँ बड़ी होती है और उन्हें टीशर्ट एवं ट्राउजर पर विद्यालय बुलाना शोभा नही देता है । यदि उन्हें अलग ड्रेस पर ही बुलाना है तो सलवार सूट पर बुलाया जा सकता है विद्यालय परिवार को इस संबन्ध में विचार करने की आवश्यकता है । यह ड्रेस भारत की संस्कृति के विपरीत देखा जा रहा है । कहा आज भारतीय परंपरा को विदेशी लोग अपना रहे हैं वहीं दूसरी ओर जिन शिक्षकों के कंधे पर समाज सुधारने एवं नए जनरेशन को भारतीय परंपरा से जोड़ने की जिम्मेदारी है वह खुद विदेशी परम्परा को विद्यालय में लागू कर रहे हैं तो हमारा भविष्य कहाँ जा रहा है इसकी चिंता आप खुद कर सकते हैं । महिलाओं ने कहा विद्यालय परिवार ट्राउजर-टीशर्ट को हटाकर सलवार सूट ड्रेस कोड में लागू करे । इधर प्राचार्य श्यामदेव राय ने कहा विभाग की ओर से ड्रेस तय किया गया है । कुछ शिक्षक बच्चों की सुविधा के लिए ड्रेस विद्यालय में ही उपलब्ध करवा दिए हैं ।












