गिरिडीह: गावां प्रखंड में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत बकरी वितरण में कथित अनियमितताओं को लेकर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। आरोप है कि सरकारी प्रावधान के अनुसार लाभुकों को पहले पशु शेड उपलब्ध कराया जाना चाहिए, लेकिन बिना शेड दिए ही छोटी और कमजोर बकरियों का वितरण किया जा रहा था। सूचना मिलने पर प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष अजय सिंह वितरण स्थल पहुंचे और व्यवस्था का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां 10 पशु दिए जाने थे, वहां केवल 8 पशु दिए जा रहे थे और उनकी गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप नहीं थी। विरोध के दौरान कई ग्रामीण और लाभुक भी मौके पर जुट गए। हंगामे के बीच दर्जनों लाभुक कमजोर पशुओं को लेने से इनकार कर बिना बकरी लिए ही वापस लौट गए।
अजय सिंह ने कहा कि बिना शेड के कमजोर पशु देना गरीब लाभुकों के साथ अन्याय है और यह योजना के उद्देश्य के विपरीत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पशुओं की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो पूरे मामले की लिखित शिकायत उपायुक्त एवं संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से की जाएगी। उन्होंने मांग की कि सभी पात्र लाभुकों को पहले पशु शेड उपलब्ध कराया जाए, गुणवत्तापूर्ण पशुओं का वितरण सुनिश्चित हो तथा कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार सप्लायर और संबंधित अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। कार्यक्रम के दौरान शिव नारायण राउत, शुभम भानु, पंकज कुमार, उदय बर्नवाल सहित कई ग्रामीण भी उपस्थित रहे।












