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कंपनियों को वन भूमि लूटने की छूट, तो आदिवासियों को पट्टा क्यों नहीं? – फॉरवर्ड ब्लॉक नेता राजेश यादव ने उठाया सवाल

बेंगाबाद, फॉरवर्ड ब्लॉक के नेता एवं पूर्व जिप सदस्य राजेश यादव ने वन भूमि पर कब्जे को लेकर सरकार की दोहरी नीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। गेनरो पंचायत के छोटकी कुम्हारिया और आसपास के गांवों में भ्रमण के दौरान उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी कंपनियों को तो वन भूमि हड़पने की खुली छूट मिली हुई है, लेकिन आदिवासी व गरीबों पर झोपड़ी बनाने पर भी प्रशासन कार्रवाई करता है।

यादव ने मांग की कि जो लोग वर्षों से वन भूमि पर निर्भर हैं, उन्हें पट्टा देकर वैध अधिकार दिया जाए। स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि उन्हें 6 किलोमीटर दूर से राशन लाना पड़ता है, स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती, और सरकारी स्वास्थ्य सेवा भी नदारद है। पंचायत सचिवालय भी सिर्फ नाम मात्र का है। यादव ने सरकार व प्रशासन को चेताते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वन भूमि पट्टा को लेकर बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।

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