बुधवार की रात से जारी लगातार बारिश ने दो अलग-अलग तस्वीरें पेश की हैं—एक तरफ किसानों के चेहरों पर राहत की मुस्कान है, तो वहीं शहरी इलाकों में जलभराव और बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीण इलाकों में खेतों को जीवनदान देने वाली बारिश से फसलें लहलहा उठी हैं, जिससे किसान बेहद खुश हैं। दूसरी ओर, शहरी क्षेत्रों में पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं, जबकि जरूरी काम से बाहर निकलने वाले छाता और रेनकोट के सहारे बारिश से बचने की कोशिश कर रहे हैं।

बारिश के चलते नगर निगम की व्यवस्था की भी पोल खुल गई है। जगह-जगह नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे पैदल चलने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क किनारे ठेले और दुकानों पर निर्भर रहने वाले छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी पर भी संकट आ गया है। वहीं, बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों को अंधेरे और गर्मी में रहना पड़ रहा है। हालांकि, तापमान में गिरावट आने से उमस भरी गर्मी से राहत जरूर मिली है और मौसम सुहावना हो गया है, लेकिन जलभराव और अव्यवस्था की वजह से आम नागरिकों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।












