गिरिडीह में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शुक्रवार को जैन समाज की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसके साथ ही पिछले दस दिनों से चल रहे दशलक्षण पर्युषण पर्व का विधिवत समापन हुआ। बड़ा चौक स्थित जैन मंदिर से निकली शोभायात्रा में महिलाओं, युवतियों और युवाओं समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। चांदी की पालकी शोभायात्रा का प्रमुख आकर्षण रही, जिसमें गेरुआ वस्त्र धारण किए युवाओं की टोली भगवान वासुपूज्य श्रीजी की अष्टधातु प्रतिमा लेकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी। इस दौरान कई स्थानों पर भगवान श्रीजी की आरती की गई और महिलाएं मंगल गीत गाती हुई चल रही थीं।
शोभायात्रा जैन मंदिर से निकलकर पहले छोटा जैन मंदिर पहुंची और इसके बाद दिगंबर जैन मंदिर पहुंची, जहां शांतिधारा का पाठ और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया। जैन समाज के मंत्री विजय सेठी ने बताया कि अनंत चतुर्दशी का जैन समाज में विशेष महत्व है और इसी दिन दशलक्षण पर्युषण पर्व का समापन होता है। उन्होंने बताया कि दस दिनों तक उत्तम क्षमा, उत्तम सोच सहित विभिन्न धार्मिक विधान और आराधना की जाती है। शोभायात्रा में अशोक जैन, रमेश जैन, अविनाश सेठी, अजीत सेठी, अजय जैन, अरिहंत जैन, आलोक जैन, अंकित जैन, धीरज जैन, विनीता जैन, सलोनी जैन, श्रेया जैन, प्रदीप जैन समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।











